“विश्व हिंदी संस्थान कल्चरल आर्गेनाइज़ेशन, कनाडा”

विश्व हिंदी संस्थान कल्चरल आर्गेनाइज़ेशन, कनाडा एक लाभरहित पंजीकृत संस्था है जिसका मूल उद्देष्य संपूर्ण विश्व में हिंदी व भारतीय भाषाओं का प्रचार-प्रसार-विकास करना है। अपने वैश्विक प्रयासों के आधार पर अंतत: संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी को मान्यता दिलवाना ही इस संस्था का परम उद्देष्य है।

“साहित्य रथ”

२६ जनवरी, २०१७, भारतीय गणतंत्र दिवस का शुभ दिन अब एक और महती साहित्यिक उपलब्धि के लिये भी युगों-युगों तक याद किया जायगा। आज के दिन डूंगरपुर, राजस्थान, भारत में विश्व हिंदी संस्थान, कनाडा के निर्देशन व प्रोत्साहन से विश्व का पहला “साहित्य रथ” डूंगरपुर के परेड स्थल पर अन्य झांकियों के साथ अपनी गरिमामय साहित्य छटा बिखेरता हुआ इतिहास रच गया।

“मुक्तिपथ-प्रेमपथ महाकाव्यगीत”

विश्व की सबसे लंबी, अटूट, लयबद्ध, धाराप्रवाह काव्यरचना जिसमें कुल जमा ३३३० पंक्तियां हैं। कविता के प्रमुख आधार बिंदु – व्यक्ति, परिवार, समाज, राष्ट्र, विश्व, रीति-रिवाज, संस्कृति, मानव व्यवहार, आध्यात्म और विश्वशांति।

“खट्टे-मीठे रिश्ते”

विश्व में किसी भी भाषा में रचित प्रथम उपन्यास जिसे संसारभर के ६६ लेखकों ने मिलकर लिखा है। इस उपन्यास के रचयिताओं में भारत, कनाडा, अमेरिका, नेपाल, मारीशस, इंगलैंड आदि देशों के लेखकों ने मिलकर कलम चलाई और इतिहास रच दिया है।

“विश्व शांति”

वैश्विक स्तर पर तैयार हो रहा एक लेख संग्रह जिसमें आम लेखकों के विश्वशांति से संबद्ध विचारों को एक लेखमाला में पिरोया जा रहा है। तैयार होने पर इस लेख संकलन को यू एन ओ के सेक्रेटरी-जनरल व विभिन्न राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्षों को ससम्मान भेंट किये जाने का प्रयास किया जायगा।

“सुनो, तुम मुझसे झूठ तो नहीं बोल रहे!”

विश्व साहित्य का पहला कहानी संग्रह जिसमें लगभग ३० कहानियां हैं लेकिन विशेष तथ्य यह है कि सभी कहानियाँ एक ही विषय पर हैं, यानि प्रत्येक लेखक सिर्फ़ एक ही विषय पर कहानी लिख रहा है –“सुनो, तुम मुझसे झूठ तो नहीं बोल रहे”।

"राजद्रोही"

प्रो. सरन घई द्वारा रचित उपन्यास “राजद्रोही” एक ऐसे ईमानदार व्यक्ति की कहानी है जिसपर रिश्वत का झूठा इल्ज़ाम लगाया जाता है। सरकार के मंत्री व घूसखोर अफ़सरों के रहते उसकी नौकरी चली जाती है। वह अपनी ईमानदारी सिद्ध करने के लिये स्वयं पर राजद्रोह का मुकद्दमा दायर कर देता है और अंतत: न केवल सभी आरोपों से बरी होता है अपितु मंत्री व उसके गुर्गों को भी सजा दिलवाने में सफल रहता है।

“छुअन

संस्था के संस्थापक प्रो. सरन घई का काव्य संग्रह “छुअन” शीघ्र प्रकाशनाधीन है जिसमें कविता के विविध रंगों और भावों का अद्भुत संकलन है।

“साहित्यरथी सम्मान

प्रो. सरन घई द्वारा रचित उपन्यास “राजद्रोही” एक ऐसे ईमानदार व्यक्ति की कहानी है जिसपर रिश्वत का झूठा इल्ज़ाम लगाया जाता है। सरकार के मंत्री व घूसखोर अफ़सरों के रहते उसकी नौकरी चली जाती है। वह अपनी ईमानदारी सिद्ध करने के लिये स्वयं पर राजद्रोह का मुकद्दमा दायर कर देता है और अंतत: न केवल सभी आरोपों से बरी होता है अपितु मंत्री व उसके गुर्गों को भी सजा दिलवाने में सफल रहता है।

"GLOBAL BOOK OF LITERATURE RECORDS"

Vishva Hindi Sansthan Cultural Organization, Canada very proudly announces the annual publication of GLOBAL BOOK OF LITERATURE RECORDS Literature, Education, Entertainment To promote the literature and to honour the writers, poets, authors of the world (of any language), “Vishva Hindi Sansthan Cultural Organization, Canada” announces the most prestigious “GLOBAL BOOK OF LITERATURE RECORDS” award.